झांसी । वन मुख्यालय झांसी के “वेत्रवती जोनल सभागार” में “चीता लैण्डस्केप मैनेजमेण्ट प्लान की चुनौतियां एवं भविष्य की रणनीतियां” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का शुभारंभ श्री एच०वी० गिरीश, मुख्य वन संरक्षक, बुन्देलखण्ड जोन, झांसी द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में जनपद झांसी, ललितपुर एवं दतिया (म०प्र०) के वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भाग लिया गया।
इस प्रशिक्षण में ग्लोबल टाईगर फोरम (GTF), नई दिल्ली से आमंत्रित विशेष विशेषज्ञ श्री प्रमोद यादव एवं उनकी टीम द्वारा राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), नई दिल्ली और ग्लोबल टाईगर फोरम (GTF), नई दिल्ली द्वारा भारत में चीता के संरक्षण और प्रबंधन के लिये तैयार किये गये “चीता लैण्डस्केप मैनेजमेण्ट प्लान” का एक परिचयात्मक प्रशिक्षण दिया गया।
उन्होंने ने बताया कि प्लान के अन्तर्गत आने वाले झांसी, ललितपुर एवं दतिया (म०प्र०) जिले की एप्रोच तहसीलों/रेंजों में क्षेत्र के सर्वे और सीमांकन हेतु चीता के संरक्षण एवं प्रबंधन की पर्याप्त सम्भावनाएं हैं। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति चीता लैण्डस्केप संरक्षण को एक मजबूत आधार प्रदान करती है। इस क्षेत्र की बेतवा, जामनी, धसान, पहूज व सुखनई नदियां तथा राजघाट, माताटीला, गोविंदसागर, शहजाद, जामनी एवं सजनम बांध / जलाशय चीता के विकास और संरक्षण हेतु अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करते हैं। प्रस्तावित चीता लैण्डस्केप क्षेत्र में बेस लाईन डाटा के संकलन, चीता के प्राकृतवास चिन्हित करने तथा चीता के विचरण क्षेत्र के बारे में जानकारी आदि एकत्र करने हेतु वन विभाग के अधिकारियों / कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी गई। क्षेत्र के आवश्यक अध्ययन (Feasibility Study) के बाद चीता प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु आगामी परियोजना की तैयारी कराई जाएगी।
प्रशिक्षण में श्री महावीर कौजालगी, वन संरक्षक, बुन्देलखण्ड वृत्त, झांसी द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर अन्य विभागीय स्टाफ भी उपस्थित रहा।
